मुजफ्फरनगर

थाना साइबर क्राइम, मुजफ्फरनगर पुलिस टीम द्वारा लोगों को फर्जी काल कर उनके साथ धोखाधडी कर UPI के माध्यम से करीब 30 लाख रुपयों से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का 1 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

थाना साइबर क्राइम, मुजफ्फरनगर पुलिस टीम द्वारा लोगों को फर्जी काल कर उनके साथ धोखाधडी कर UPI के माध्यम से करीब 30 लाख रुपयों से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का 1 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

अपर पुलिस महानिदेशक “मेरठ जोन मेरठ” एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक “सहारनपुर परिक्षेत्र, सहारनपुर” के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रविन्द्र प्रताप सिंह व थाना प्रभारी सुल्तान सिंह थाना साइबर क्राइम के कुशल नेतृत्व में थाना साईबर क्राइम द्वारा कार्यवाही करते हुए 01 शातिर साइबर अपराधी को मय 02 अदद मोबाईल के गिरफ्तार किया गया।

 

*घटना का संक्षिप्त विवरण-* गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित आनलाईल पोर्टल, “प्रतिबिम्ब” पर जनपद मुजफ्फरनगर से फर्जी काल कर लोगों के साथ साइबर धोखाधडी करने की शिकायतें प्राप्त हुई। उक्त प्राप्त शिकायतों की थाना साइबर क्राइम द्वारा जांच की गयी तो धोखाधडी की घटना में प्रयोग किये गये मोबाइल नंबर व बैंक खाते जनपद मुजफ्फरनगर में संचालित मिले। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा गहनता से जांच कर उक्त धोखाधड़ी की घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त को दिनांक 08.02.2026 को गिरफ्तार किया गया । अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

 

*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-*

*1-* विजय कुमार पुत्र सतेंद्र सिंह, निवासी ग्राम सावटू, थाना भोराकलां, जनपद मुजफ्फरनगर ।

 

*पंजीकृत अभियोग का विवरण-*

*1-* मु0अ0सं0 10/2026 धारा 318(4),336,338 बीएनएस एवं 66सी, 66डी आईटी एक्ट थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

 

*बरामदगी-*

*1.* 02 अदद मोबाइल फोन

 

*पूछताछ का विवरण-* प्रारम्भिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त विजय द्वारा बताया गया कि वह लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त था, जिसमें उसे लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। ऑनलाइन गैमिंग में रुपये हारने के कारण उसे अपनी 2 बीघा जमीन बेचनी पड़ी। जमीन वापस खरीदने का कोई वैध रास्ता न मिलने पर उसने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से पैसा कमाने का रास्ता अपनाया। शुरुआत में उसने अपने मोबाइल नंबर और बैंक खातों का उपयोग कर ऑनलाइन धोखाधड़ी की, लेकिन विभिन्न राज्यों से शिकायतें दर्ज होने के कारण उसके खाते फ्रीज हो गए। इसके बाद उसने अन्य लोगों, अपने भाई और अपनी माता के बैंक खातों व मोबाइल नंबरों का उपयोग कर टेलीग्राम के माध्यम से साइबर फ्रॉड करना शुरू किया। आरोपी ने स्वयं व अपने परिजनों के नाम पर कई बैंकों में खाते खुलवाए, जिनका उपयोग फ्रॉड की राशि प्राप्त करने के लिए किया गया। शिकायतों के चलते उसके कुछ खाते ब्लॉक हो गए, जिसके बाद उसने अपने भाई के खाते का इस्तेमाल जारी रखा।

 

*नोटः-* अभियुक्त के 02 मोबाईल नम्बरों पर 02 शिकायतें तथा 02 खातों पर कुल 15 शिकायतों दर्ज होना अभी तक प्रकाश में आया है, इसके अतिरिक्त अभियुक्त से बरामद मोबाईल फोन में लिंक मेल आइडी में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर भी 41 शिकायतें दर्ज है, अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खाते में 2 माह में करीब 30 लाख रुपये का लेनदेन किया गया है, शेष अन्य खातों की जाँच प्रचलित है। अभियुक्त के विरुद्ध अभी तक ज्ञात लगभग 01 करोड रुपये से अधिक की धोखाधडी की शिकायतें दर्ज है, जिसमें से 30 लाख रुपये की धनराशि अभियुक्त के खाते में आना पाया गया है तथा थाना साइबर क्राइम द्वारा अन्य शिकायतों/ अभियोगों की जानकारी भी की जा रही है।

 

*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-*

1- प्रभारी निरीक्षक  सुल्तान सिंह, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

2- निरीक्षक  रविन्द्रपाल सिंह, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

3- निरीक्षक  इन्द्रजीत सिंह , थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

4- उ0नि0 गौरव चौहान, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

5- उ0नि0  धर्मराज सिंह , थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

6- उ0नि0  मुबारिक हसन , थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

7- है0का0 384 सुनील कुमार, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

8- है0कां0 719 बालकिशन, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।

9- है0का0 387 आकाश चौधरी, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर

10- कां0 1260 रोबिन कसाना, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर

 

*MEDIA CELL, MUZAFFARNAGAR POLICE*

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