जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में ‘नोडल अधिकारी झोलाछाप नियंत्रण सेल’ ने की छापेमारी; एक अस्पताल पर जड़ा ताला
जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में 'नोडल अधिकारी झोलाछाप नियंत्रण सेल' ने की छापेमारी; एक अस्पताल पर जड़ा ताला

दिनांक 22-04-2026 को जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, डॉ. अजय कुमार, नोडल अधिकारी (झोलाछाप नियंत्रण सेल) की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज रुड़की रोड स्थित कई केंद्रों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
जांच में मिली गंभीर अनियमितताएं छापेमारी के दौरान टीम जब ‘सत्तान हॉस्पिटल’ (Santan Hospital) और ‘डॉ. तबस्सुम’ के क्लीनिक/अस्पताल पहुंची, तो वहां स्थिति चौंकाने वाली मिली। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज और सीएमओ कार्यालय का पंजीकरण (Registration) प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रहा

डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि ‘शफा नर्सिंग होम’ ने बिना मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय की अनुमति के ‘बकरा मार्केट’ से रुड़की रोड पर अपनी शिफ्टिंग कर ली थी, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है, इस संबंध में मौके पर ही संबंधित संस्थान को कारण बताओं नोटिस जारी कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘सन्तान हॉस्पिटल’ के पास संचालन हेतु कोई वैध पंजीकरण (No Registration) नहीं पाया गया।
*प्रमुख बिंदु:*
अवैध संचालन: बिना रजिस्ट्रेशन और बिना सील के अस्पताल संचालित किए जा रहे थे।
तत्काल कार्रवाई: नियमों के उल्लंघन पर संबंधित केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
सख्त चेतावनी: नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
*नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार का कथन*
“जिलाधिकारी और सीएमओ के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनपद में एक भी अवैध क्लीनिक या अस्पताल संचालित नहीं होना चाहिए। आज की कार्यवाही इसी मुहिम का हिस्सा है। जो अस्पताल बिना पंजीकरण या मानकों के विपरीत चल रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध रूप से चिकित्सा केंद्र चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
