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*पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. द्वारा प्रदेश में स्थापित मिशन शक्ति केन्द्रों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए फीड बैक लिया गया।*

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राजीव कृष्णा, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा समस्त परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक, समस्त संयुक्त पुलिस आयुक्त/अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट (नोडल अधिकारी मिशन शक्ति) एवं समस्त जनपदीय नोडल अधिकारी/प्रभारी, मिशन शक्ति केन्द्र के साथ प्रदेश में स्थापित मिशन शक्ति केन्द्रों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुये फीड बैक लिया गया।
उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश * योगी आदित्यनाथ* द्वारा अक्टूबर 2020 में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। विगत पाँच वर्षों में समग्र रूप से, मिशन शक्ति अभियान महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी और सफल पहल सिद्ध हुआ है।
वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई थी। यह व्यवस्था महिलाओं की शिकायतों के त्वरित पंजीकरण एवं प्रारम्भिक सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल थी।
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण द्वारा सितंबर 2025 में इस व्यवस्था को सुदृढ़ एवं विस्तारित करते हुए प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केन्द्र की स्थापना की जा चुकी है, जो महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत सुधार है।
मिशन शक्ति केन्द्र अब केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकल सम्पर्क बिन्दु (Single Point of Support) के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से महिला शिकायतकर्ता को प्रकरण के प्रारम्भ से लेकर न्यायिक प्रक्रिया की पूर्णता तक मानसिक, सामाजिक, कानूनी एवं संस्थागत सहयोग सुनिश्चित किया जाता है।
*पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0* द्वारा मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना की समीक्षा करते हुए यह पाया गया कि इसके अत्यंत सार्थक परिणाम प्राप्त हुए हैं। मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित होने से तीन माह पूर्व *(दिनांकः 16.06.25 से 15.09.25 तक)* व स्थापित होने के तीन माह पश्चात *(दिनांकः 16.09.25 से 15.12.25 तक)* के मध्य *पूरे प्रदेश के महिला सम्बंधी अपराधों के आंकड़ों* की समीक्षा की गयी, समीक्षोपरान्त अपराधों में आयी गिरावट का विवरण निम्नवत हैः –
• *बलात्कार* सम्बंधी प्रकरणों में करीब 33.92 प्रतिशत की कमी हुयी है, जिसमें सर्वाधित 76.92 प्रतिशत की कमी जनपद बाराबंकी में पायी गयी है।
• *महिलाओं एवं बच्चियों के अपहरण* सम्बंधी प्रकरणों में करीब 17.03 प्रतिशत की कमी हुयी है, जिसमें सर्वाधिक 42.61 प्रतिशत की कमी जनपद अमेठी में पायी गयी है।
• *दहेज हत्या* सम्बंधी प्रकरणों में करीब 12.96 प्रतिशत की कमी हुयी है, जिसमें सर्वाधित 80.00 प्रतिशत की कमी जनपद बलरामपुर में पायी गयी है।
• *घरेलू हिंसा* सम्बंधी प्रकरणों में करीब 9.54 प्रतिशत की गिरावट आयी है, जिसमें सर्वाधिक 35.90 प्रतिशत की कमी जनपद श्रावस्ती में पायी गयी है।
फीडबैक सेशन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने-अपने परिक्षेत्र के जनदों के मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित होने के पश्चात आये सार्थक परिणाम, समस्या एवं सुझाव उपलब्ध कराये गये, जो निम्नवत हैः-
• सभी अधिकारियों द्वारा मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना होने से शिकायतों में कमी आने तथा विवादों का निस्तारण आपसी बात-चीत व काउंसलिंग के माध्यम से होने की जनता द्वारा सराहना किये जाने की बात बतायी गयी।
• समीक्षा में विभिन्न परिक्षेत्रों द्वारा महिला एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु किये जा रहे नवाचारों को रेखांकित किया गया, जिसमें बरेली परिक्षेत्र के जनपद पीलीभीत में वृद्ध एवं असहाय महिला का बैंक खाता खुलवाकर वृद्धावस्था पेंशन बनवाने तथा निर्धन बच्चियों के विद्यालय में दाखिले की व्यवस्था कराने, अयोध्या परिक्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय समन्वय से बुकलेट तैयार कर मिशन शक्ति केन्द्रों में वितरण कराने, झांसी परिक्षेत्र में महिलाओं/बालिकाओं द्वारा गोपनीय रूप से शिकायत दर्ज कराने हेतु हॉट स्पॉट चिन्हित कर वहां पर कम्पलेन्ट बॉक्स की स्थापना करने तथा लखनऊ परिक्षेत्र में ग्राम/मोहल्ला/बीट स्तर पर सक्रिय महिलाओं को मिशन शक्ति वालंटियर बनाकर पीड़िताओं की समस्याओं को केन्द्र तक पहुँचाने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं के संकलन की प्रभावी व्यवस्था कराया जाना शामिल है।
*समीक्षा के अंत में पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा अपने संबोधन में कहा गया किः-*
• मिशन शक्ति *Whole of Government Approach* पर आधारित है, जिसमें पुलिस की भूमिका समन्वयक एवं लीड एजेंसी की है। इसका उद्देश्य शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ नागरिकों को सही जानकारी, सही विभाग और सही प्रक्रिया से जोड़ना है। शीघ्र ही केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से सम्बंधित बुकलेट, वीडियो और डिजिटल सामग्री उपलब्ध करायी जायेंगी, जिससे सभी को जागरूक किया जा सके।
• मिशन शक्ति केन्द्र, थानों एवं अन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों का संतुलित उपयोग तथा डेटा आधारित मूल्यांकन किया जाये।
• वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्र के जनपदों में की जाने वाली गोष्ठियों में मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारियों के साथ-साथ थाना प्रभारी को भी सम्मिलित किया जाये जिससे उनके मध्यम बेहतर सामन्जस्य स्थापित हो सके।
• वह बालिकायें जो संकोच वश अपनी शिकायत किसी को नहीं बता पाती हैं उनके लिये स्कूल स्तर पर बैठक कर प्रधानाचार्य की सहमति से विद्यालय परिसर में थाना-स्तरीय शिकायत पेटी लगाई जाए और उसका प्रचार किया जाए, शिकायत पेटी पर मिशन शक्ति केन्द्र व उनके नम्बर लिखवाये जायें।
• चौकी स्तर पर भी जो महिलाओं से संबंधित शिकायतों प्राप्त हो रहीं हैं उनका भी मिशन शक्ति केन्द्रों के समाधान कराया जाये।
• मिशन शक्ति केन्द्र व थाने के विवेचकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित किया जाये ताकि अभियोगों के निस्तारण में सहयोग प्राप्त हो सके।
• यदि किसी जनपद में मिशन शक्ति केन्द्र द्वारा समस्याओं के निस्तारण में यदि किसी नयी बेस्ट प्रैक्टिस का प्रयोग किया गया है तथा उससे उन प्रकार की शिकायतों में कमी आ रही है तो उस बेस्ट प्रैक्टिस की समीक्षा कर सभी से शेयर किया जाये ताकि सभी जनपदों द्वारा भी उसका अपने यहां प्रयोग किया जा सके।
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा अंत में *महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन* के द्वारा मिशन शक्ति केन्द्र के सफल क्रियान्वयन हेतु किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुये कहा गया कि मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना एक मजबूत शुरुआत है। सही क्रियान्वयन से मिशन शक्ति केन्द्र जिले की जमीनी पुलिसिंग में सकारात्मक और दीर्घकालिक परिवर्तन लाने वाला *गेम-चेंजर* सिद्ध हो सकता है।

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