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जय श्री राधे कृष्णा 💐💐💐जानिए …श्री कृष्ण जन्माष्टमी की व्रत व पूजन की तिथि, समय और पूजन विधि

जय श्री राधे कृष्णा 💐💐💐जानिए ...श्री कृष्ण जन्माष्टमी की व्रत व पूजन की तिथि, समय और पूजन विधि


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उत्तरी भारत में लगभग सभी प्रांतों में सैकड़ों वर्षो से अधर रात्रि एवं चंद्रोदय व्यापिनी जन्माष्टमी में व्रत आदि ग्रहण करने की परंपरा है वास्तव में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत तथा जन्मोत्सव दो अलग-अलग स्थितियां हैं इस वर्ष 18 अगस्त गुरुवार 2022 को रात्रि 9:22 के बाद रात्रि में कृतिका नक्षत्र एवं मेष राशि चंद्रोदय कालीन श्री कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत उत्सव आदि का महात्मय होगा। जबकि 19 अगस्त शुक्रवार को अष्टमी तिथि रात्रि 11:00 बजे तक ही रहेगी इस स्थिति में हमें किस श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 18 अगस्त को ही रखना चाहिए एवं 19 अगस्त को श्री कृष्ण जन्मोत्सव का उत्सव मनाना चाहिए।
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इस प्रकार 18 अगस्त गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करना श्रेष्ठ है इसी समय से पूर्व श्री कृष्ण के निमित्त व्रत,बालरूप, पूजा, झूला झूलाना, चंद्र को अर्घ्य देना जागरण कीर्तन करना उत्तम है एवं 19 अगस्त शुक्रवार को भी श्री कृष्ण स्तोत्र का पाठ ध्यान कीर्तन आदि करके इन पुण्य अवसरों का लाभ उठाना चाहिए व्रत एवं उत्सव पर 18 अगस्त गुरुवार को ही शेष एवं उत्तम रहेगा।

भगवान श्री कृष्ण का अभिषेक दूध,दही, घी, बूरा, शहद एवं जल तुलसा,घर में निर्मित मिष्ठान का भोग लगाकर भगवान श्री कृष्ण का अद्भुत अभिषेक करें।

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* पंडित श्री सीताराम त्रिपाठी*
*भागवत परिवार*
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