
सर्दियों में मूली जरूर खानी चाहिए। मूली में भरपूर विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। फाइबर से भरपूर मूली सेहत और पेट के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। लेकिन बाजार में दो तरह की मूली मिलती हैं। एक सफेद मूली और दूसरी लाल या हल्की गुलाबी रंग की होती है। ऐसे में कई बार लोग मूली खरीदते वक्त कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सी मूली खरीदें। सफेद मूली या लाल मूली कौन सी आपके लिए ज्यादा फायदेमंद होती है और इनमें क्या अंतर होता है।
सफेद और लाल मूली में अंतर
सफेद और लाल मूली दोनों ही मूली (Raphanus sativus) की प्रजातियां हैं, इसमें सफेद मूली जैसे पूसा सफेद, डाइकॉन मूली, इसीसिल किस्म की होती है। इसका स्वाद हल्का मीठा और रंग सफेद होता है। ये मूली लंबी होती हैं। जबकि लाल मूली जैसे चेरी बैले , फ्रेंच ब्रेकफास्ट किस्म के नाम से जानी जाती हैं। ये साइज में छोटी, गोल या लंबी और तीखे स्वाद वाली होती है। इनका सिर्फ छिलका लाल होता है लेकिन अंदर से सफेद होती हैं। लाल मूली में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा होते हैं।
सफेद मूली के फायदे
सफेद मूली खाने से पाचन बेहतर होता है। इससे कब्ज और गैस की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। आप सलाद में सफेद मूली खा सकते हैं।
सफेद मूली को वजन घटाने में भी असरदार माना जाता है। इसका स्वाद मीठा होने की वजह से इसे आसानी से खाया जा सकता है। डाइटिंग करने वाले मूली खा सकते हैं।
सफेद मूली खाने से शरीर में सूजन की समस्या कम होती है। सफेद मूली में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।
सफेद मूली शरीर को डिटॉक्स करने के लिए भी अच्छी मानी गई है। इसके सेवन से शरीर में जमा गंदगी को निकालने में आसानी होती है।
लाल मूली के फायदे
लाल मूली में पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। लाल मूलीमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा पाए जाते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लाल मूली असरदार है। इससे बीमारियां दूर रहती हैं और शरीर हेल्दी रहता है।
लाल मूली स्किन के लिए भी अच्छी मानी जाती है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स एजिंग को कम करने में मदद करते हैं।
लाल मूली को पाचन-तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है। इसे खाने से एसिडिटी और गैस्ट्रिक की समस्या दूर होती है।
वजन घटाने के लिए खाने में लाल मूली शामिल कर सकते हैं। इसमें फाइबर होता है। खूबसूरत रंग की वजह से सलाद की ड्रेसिंग में इसका काफी इस्तेमाल किया जाता है।
