
मुजफ्फरनगर – धनतेरस के अवसर पर नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शहरवासियों को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। शुक्रवार को टाउनहाल स्थित नगरपालिका मुख्यालय के सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में शहर के विकास और अन्य मदों से जुड़े 112 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से शहर में निर्माण, सौंदर्यीकरण, पेयजल, पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। बैठक में दो चौराहों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
बैठक की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने की। अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने राष्ट्रगीत वंदेमातरम के बाद सदन के समक्ष 112 प्रस्तावों का एजेंडा प्रस्तुत किया। एजेंडे पर विस्तार से चर्चा के बाद सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। साथ ही पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी की गई।
बैठक की शुरुआत में वार्ड संख्या 33 की सभासद सीमा जैन ने वहलना चौक का नाम बदलकर महाराणा प्रताप के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उन्होंने पालिकाध्यक्ष को पत्र सौंपकर कहा कि महाराणा प्रताप महान महापुरुष थे और पूरा समाज उनका सम्मान करता है, लेकिन जैन समाज के धार्मिक प्रतीक के रूप में पहचान रखने वाले वहलना चौक का नाम यथावत रखा जाना चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप के नाम पर शहर में किसी अन्य स्थान को चिह्नित कर भव्य स्मारक बनाने का सुझाव दिया। इस आपत्ति के बाद महाराणा प्रताप चौराहे के नामकरण का प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया।
64 करोड़ से होंगे 329 विकास कार्य
पालिका की कार्ययोजना में सबसे बड़ा हिस्सा निर्माण एवं विकास कार्यों का है। करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में 329 निर्माण, विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाएंगे। इनमें सड़क, गलियों और सार्वजनिक स्थलों का विकास शामिल है। लंबे समय से उपेक्षित फक्करशाह चौक का कायाकल्प भी इसी योजना के तहत कराया जाएगा।
पेयजल व्यवस्था पर खर्च होंगे 10 करोड़
शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। विस्तारित सीमा में शामिल नए क्षेत्रों तक पेयजल आपूर्ति पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। इसके अलावा ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ाने और पुरानी पेयजल लाइनों के उच्चीकरण का कार्य भी कराया जाएगा।
तीन करोड़ से जगमगाएगा शहर, 50 सफाई कर्मचारी होंगे नियुक्त
शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत फैंसी लाइट, हाईमास्ट लाइट और 45 से 75 वाट तक की एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीदी जाएंगी। वहीं, सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कर्मचारियों को भी मिली राहत, दो महापुरुषों के नाम पर होंगे चौराहे
बैठक में पालिका कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए। दीपावली के अवसर पर सफाई कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारियों को ठंड के मौसम के अनुरूप वर्दी उपलब्ध कराने के लिए भुगतान और चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा शहर में एक चौराहे का नाम महाराणा प्रताप और दूसरे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। हालांकि, महाराणा प्रताप के नामकरण से जुड़े प्रस्ताव पर सभासद सीमा जैन की आपत्ति के बाद इसे विचारार्थ रखा गया है।
अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के निर्देश पर शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए 112 प्रस्तावों का एजेंडा तैयार किया गया था। सदन में प्रत्येक प्रस्ताव पर चर्चा के बाद एजेंडे को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि दीपावली के पर्व पर शहर के विकास के लिए तैयार कार्ययोजना को पूरे सदन का समर्थन मिलना प्रसन्नता की बात है। शहरवासियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए नगरपालिका शहर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण करने का उद्देश्य उनके आदर्शों, संघर्ष, बलिदान और समाज के प्रति योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। विकास कार्यों के प्रस्तावों को स्वीकृति देने के लिए उन्होंने सभी सभासदों और सदन के सदस्यों का आभार जताया।
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