
मुजफ्फरनगर, 22 अक्टूबर 2026 – जनपद में किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की टीम ने उर्वरक विक्रेताओं एवं विनिर्माताओं के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने भी एकत्र किए गए। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि यह कार्रवाई शासन के निर्देशों तथा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशों के क्रम में की गई।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, जनपद में उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने, किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने और POS मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत अनुदानित उर्वरक वितरण सुनिश्चित कराने के लिए गठित टीम ने विभिन्न उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
### 28 स्थानों पर छापेमारी, 13 उर्वरक नमूने लिए गए
कृषि विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कुल 28 छापे आयोजित किए गए। इस दौरान उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच के लिए कुल 13 नमूने एकत्र किए गए। कार्रवाई के दौरान एक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
विभागीय टीम ने उर्वरक विक्रय परिसरों पर उपलब्ध स्टॉक, वितरण व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों की भी जांच की। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर में नियमित रूप से अद्यतन प्रविष्टियां दर्ज करें तथा भविष्य में सभी आवश्यक अभिलेख पूर्ण एवं व्यवस्थित रखें।
### POS मशीन से उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने पर जोर
निरीक्षण अभियान का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि किसानों को उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध हो और अनुदानित उर्वरकों का वितरण POS मशीन के माध्यम से नियमानुसार किया जाए। कृषि विभाग ने विक्रेताओं को वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा सरकारी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा।
विभाग की ओर से सहकारी एवं निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया, ताकि कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहे।
### कालाबाजारी और जमाखोरी का मामला सामने नहीं आया
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि जनपद में उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है और POS मशीन के माध्यम से वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक की प्रवर्तन कार्रवाई में उर्वरकों की कालाबाजारी या जमाखोरी का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।
कृषि विभाग का उद्देश्य उर्वरक की गुणवत्ता पर निगरानी रखने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है। विभागीय स्तर पर निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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