
मुजफ्फरनगर, 23 अक्टूबर – स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुजफ्फरनगर में व्यापक स्तर पर स्कूल सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत जनपद के कुल 289 विद्यालयों में सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है। अब तक 247 कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का सेफ्टी ऑडिट पूरा हो चुका है, जबकि शेष 42 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नौ विशेष टीमें संभाल रहीं जिम्मेदारी
यह अभियान मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। सुरक्षा जांच के लिए नौ विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप निरीक्षण कर रही हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक गुलजार और जिला आईटी/एमआईएस शीजा खानम के नेतृत्व में अभियान के विभिन्न कार्यों को डिजिटल तकनीक की मदद से अंजाम दिया जा रहा है।
**GPS और जियो-टैगिंग से जुटाए जा रहे साक्ष्य**
सेफ्टी ऑडिट की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल ऐप आधारित निरीक्षण प्रणाली अपनाई गई है। जांच के दौरान जीपीएस, जियो-टैगिंग और फोटो-वीडियो के माध्यम से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए उच्चाधिकारी निरीक्षण की प्रगति पर वास्तविक समय में नजर रख रहे हैं। इससे विद्यालयों की सुरक्षा संबंधी स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने और कमियों को चिह्नित करने में मदद मिल रही है।
**भवनों की मजबूती और अग्नि सुरक्षा की हो रही जांच**
ऑडिट टीमों में क्षेत्रीय लेखा परीक्षक, संरचनात्मक अभियंता और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। ये विशेषज्ञ विद्यालय भवनों की संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
**कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अधिकारियों ने लिया जायजा**
शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चल रहे सेफ्टी ऑडिट के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक गुलजार और जिला आईटी/एमआईएस शीजा खानम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रीय लेखा परीक्षक विनय शर्मा, संरचनात्मक अभियंता विशाल भारद्वाज और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ जहीर हुसैन ने विद्यालय परिसर की जांच की।
**आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग भी दी गई**
ऑडिट के दौरान सुरक्षा संबंधी कमियों को चिह्नित करने के साथ ही विद्यालय स्टाफ को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार करना और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करना है।
जनपद के सभी 289 विद्यालयों का ऑडिट पूरा होने के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आवश्यक सुधारों की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी। अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है।
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