मुजफ्फरनगर। पूरी बरसात बीत गई और कांवड़ मेला भी प्रशासन द्वारा बेहतर तरीके से संपन्न करा दिया गया, लेकिन शहर में मच्छरों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। शहर के कई इलाकों में पर्याप्त फॉगिंग नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि इस समय वायरल और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों में चर्चा है। नागरिकों का कहना है कि पूर्व में अंजू अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान कांवड़ मेले में विशेष कैंप और पुष्पवर्षा जैसी व्यवस्थाएं देखने को मिली थीं, जबकि इस बार नगर पालिका की ओर से ऐसा कोई विशेष कार्यक्रम प्रमुखता से नजर नहीं आया।
वहीं, पूर्व अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह के कार्यकाल में शहर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी लोग वर्तमान स्थिति की तुलना कर रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि अब कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था पहले जैसी प्रभावी नजर नहीं आती।
नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की पारदर्शिता को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। यहां तक कि नगर पालिका के कुछ सभासद भी विभिन्न कार्यों को लेकर पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांग चुके हैं। ऐसे में पालिका के कामकाज और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और लोग वायरल व मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, तो नियमित फॉगिंग क्यों नहीं कराई जा रही?
नगर पालिका प्रबंधन को चाहिए कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी वार्डों में नियमित फॉगिंग, सफाई और मच्छर नियंत्रण अभियान चलाए। जनता ने नगर पालिका को सिर्फ उद्घाटन और फीता काटने के लिए नहीं, बल्कि शहर की सफाई, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है।
अब जरूरत है कि नगर पालिका प्रबंधन इन सवालों पर गंभीरता से ध्यान दे और जनता को धरातल पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए।
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