मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में डाक कांवड़ के दौरान सड़क पर हुड़दंग और हाथों में लाठी-डंडे व धारदार लोहे के फरसे लेकर चलने वालों पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शिव चौक पॉइंट पर पुलिस ने डाक कांवड़ में दौड़ रहे कई लोगों के पास से भारी मात्रा में लाठी-डंडे जब्त किए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आखिर पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा में बाइक पर लाठी-डंडे और लोहे के फरसे लेकर चलने का क्या औचित्य है? ऐसे सामान से न सिर्फ खुद की सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य कांवड़ियों और आम लोगों के लिए भी परेशानी और खतरा पैदा हो सकता है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, नोएडा, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों की ओर जाने वाले कांवड़ियों के बीच भी यह संदेश जाना जरूरी है कि आस्था की इस पवित्र यात्रा को अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करें। बेवजह लाठी-डंडे अथवा धारदार हथियार लेकर चलने से बचें।
मुजफ्फरनगर पुलिस की कार्रवाई का साफ संदेश—कांवड़ यात्रा आस्था की यात्रा है, हुड़दंग या हथियारों के प्रदर्शन की नहीं।






