मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 से जुड़े चर्चित मामले में आरोपी जुनैद को अदालत से राहत नहीं मिली है। माननीय विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) डॉ. विजय कुमार ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में थाना रतनपुरी पुलिस ने मामले की प्रभावी विवेचना और सशक्त न्यायालयीन पैरवी की।
प्रकरण में जुनैद पुत्र हिब्जुर्रहमान, निवासी ग्राम फुलत, थाना रतनपुरी को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि 5 जुलाई 2026 को ग्राम फुलत निवासी मौ. यूनुस ने थाना रतनपुरी में तहरीर देकर शिकायत की थी कि ग्राम फुलत स्थित मदरसा दारूल उलूम रहीमिया से जुड़े कुछ लोगों ने कथित रूप से बहला-फुसलाकर, प्रलोभन और भय दिखाकर हिंदू व्यक्तियों का अवैध धर्मांतरण कराया तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
विवेचना के दौरान थाना प्रभारी रतनपुरी राकेश कुमार द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जुनैद का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) आशीष त्यागी ने मामले की गंभीरता, विवेचना में संकलित साक्ष्यों तथा अभियुक्त के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अभियोजन पक्ष के तर्कों और उपलब्ध अभिलेखों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने 4 अगस्त 2026 को आरोपी जुनैद की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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