मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के मुजफ्फरनगर डिपो में लंबे समय से बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे तीन संविदा चालक और दो संविदा परिचालकों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात कुमार सिन्हा द्वारा जारी कार्यालय आदेशों के तहत सभी पांच संविदा कर्मियों के अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। साथ ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार उनकी प्रतिभूति (सिक्योरिटी) भी जब्त कर ली गई है।
परिवहन निगम के अनुसार संबंधित कर्मचारी कई महीनों से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर पहले बुलावा पत्र, फिर नोटिस और अंत में अंतिम बुलावा पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद कोई भी कर्मचारी कार्य पर वापस नहीं लौटा।
निगम का कहना है कि कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति से बस संचालन प्रभावित हो रहा था और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। विभाग का मानना है कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद ड्यूटी पर न लौटना इस बात का संकेत है कि संबंधित कर्मचारी निगम की सेवा में रुचि नहीं रखते और संभवतः अन्य रोजगार में कार्यरत हैं।
कार्रवाई की जद में आए संविदा परिचालकों में गौरव चौहान और कुमारी प्रतीक्षा देवी शामिल हैं, जबकि संविदा चालकों में अमित राठी, मुकीम अहमद और मुस्तकीम के नाम शामिल हैं।
परिवहन निगम ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों ने अनुबंध की धारा-19 की उपधारा 13, 14 एवं 15 का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर निगम हित में सभी पांच संविदा कर्मियों के अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उनकी प्रतिभूति जब्त करने के आदेश जारी किए गए।
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