मुजफ्फरनगर

कैबिनेट बैठक में योगी सरकार का बड़ा निर्णय – निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे 15 लाख शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी

कैबिनेट बैठक में योगी सरकार का बड़ा निर्णय - निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे 15 लाख शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी

लखनऊ, 29 जनवरी –

प्रदेश सरकार ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस इलाज की सुविधा का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी और उनके आश्रित सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा शिक्षक दिवस–2025 के अवसर पर की थी, जिस पर अब कैबिनेट की औपचारिक मुहर लग गई है।

 

इस फैसले से प्रदेशभर में लगभग 15 लाख शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार द्वारा कुल मिलाकर करीब 448 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 32 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 30 को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

निर्णय के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक (मानदेय एवं व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों सहित), संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित संस्थानों के शिक्षक, माध्यमिक व संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक तथा राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों को आईपीडी (अंत:रोगी) इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। इस सुविधा का लाभ उनके आश्रित भी ले सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि इस श्रेणी में करीब 2.97 लाख लोग लाभान्वित होंगे और इस पर लगभग 89.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

 

इसी प्रकार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों और परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये और उनके आश्रितों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इससे बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े 11.95 लाख से अधिक शिक्षक व कर्मी लाभान्वित होंगे। इस पर प्रति व्यक्ति लगभग 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम के आधार पर कुल 358.61 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

 

कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ साचीज से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के अनुसार होंगी। स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को वेरिफिकेशन के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

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