मुजफ्फरनगर, 10 सितंबर 2026। खतौली विकासखंड के ग्राम सठेड़ी निवासी किसान संदीप सिंह पुत्र शिव चरण सिंह की सफलता आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। कभी गन्ना, गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने वाले संदीप सिंह ने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में आधुनिक पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर अपनी खेती और आमदनी, दोनों की तस्वीर बदल दी।
50 फीसदी अनुदान से साकार हुआ पॉलीहाउस का सपना
उद्यान विभाग से पॉलीहाउस और संरक्षित खेती के लाभों की जानकारी मिलने के बाद संदीप सिंह ने करीब 4000 वर्ग मीटर (लगभग एक एकड़) क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित करने का निर्णय लिया। पॉलीहाउस निर्माण पर करीब ₹33.76 लाख तथा पौध और शुरुआती प्रबंधन पर करीब ₹18 लाख खर्च हुए। परियोजना की कुल लागत ₹51.76 लाख रही।
‘जिला औद्यानिक मिशन योजना’ के तहत उद्यान विभाग द्वारा 50 प्रतिशत यानी ₹25.88 लाख का अनुदान दिया गया, जिससे किसान पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ।
90 दिन में शुरू हुआ गुलाब का उत्पादन
पॉलीहाउस में उच्च गुणवत्ता वाले कट-फ्लावर गुलाब की पौध रोपी गई। वैज्ञानिक तकनीक और नियमित देखभाल का परिणाम करीब 90 दिनों में सामने आया। पौधों से प्रतिदिन औसतन 3,000 गुलाब मिलने लगे।
बाजार में औसतन ₹5 प्रति फूल की कीमत मिलने से करीब ₹4.50 लाख प्रतिमाह की सकल आय होने लगी। खाद, पानी, बिजली, श्रमिक और परिवहन समेत अन्य खर्चों के बाद किसान को औसतन ₹3 लाख प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा
संदीप सिंह की सफलता ने आसपास के किसानों का ध्यान भी आधुनिक बागवानी की ओर खींचा है। पॉलीहाउस में गुलाब की खेती और उससे होने वाली आय को देखकर अन्य किसान भी पारंपरिक खेती के साथ संरक्षित खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
संदीप सिंह की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ, सही मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
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