मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के बी.ए.एम.एस. इंटर्न्स एवं छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार के समक्ष AYUSH इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई है।
इंटर्न्स का कहना है कि बी.ए.एम.एस. की 4.5 वर्ष की चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद एक वर्ष की इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में मरीजों की निगरानी, वार्ड ड्यूटी, चिकित्सीय प्रक्रियाओं में सहयोग एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला ₹7,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड वर्तमान महंगाई एवं जीवन-यापन की लागत के मुकाबले बेहद कम है।
इंटर्न्स के अनुसार आवास, भोजन, परिवहन, अध्ययन सामग्री, इंटरनेट एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे आवश्यक खर्चों को इस राशि में पूरा करना मुश्किल है। वहीं कई राज्यों में AYUSH इंटर्न्स को इससे काफी अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
ज्ञापन में पश्चिम बंगाल में ₹29,733, बिहार में ₹27,000, कर्नाटक में ₹25,000 और केरल में ₹23,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश में भी कम से कम ₹25,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड निर्धारित करने की मांग की गई है।
इंटर्न्स ने NCISM के 16 फरवरी 2022 के प्रावधान का हवाला देते हुए अन्य चिकित्सा प्रणालियों के अनुरूप समानता बनाए रखने की मांग की है। साथ ही कहा कि जब सरकार AYUSH चिकित्सा पद्धति को मजबूत एवं विस्तारित कर रही है, तो AYUSH के भावी चिकित्सकों के हितों और आर्थिक स्थिति पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
इंटर्न्स ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनका ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, राज्य सरकार, संबंधित विभाग एवं आयुष मंत्रालय तक पहुंचाकर स्टाइपेंड वृद्धि के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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