माँ बहन बेटी का स्वाभिमान – सम्मान है नारी शक्ति वंदन अधिनियम :- डॉ श्वेता कौशिक
माँ बहन बेटी का स्वाभिमान - सम्मान है नारी शक्ति वंदन अधिनियम :- डॉ श्वेता कौशिक

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक बिल नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है। सदियों से देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रखा गया, अब समय आ गया है कि संसद और विधानसभाओं में मातृशक्ति की आवाज गूंजे। यह बिल बेटियों के सपनों को कानून का पंख देगा और साबित करेगा कि महिला सशक्तिकरण भाषणों से नहीं, भागीदारी से होता है
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ उस मां का सम्मान है जो घर चलाती है, उस बहन का अधिकार है जो देश चलाना चाहती है। जब चूल्हे-चौके से लेकर चंद्रयान तक महिलाएं पहुंच गई हैं, तो संसद में 33% हक क्यों नहीं? यह बिल नहीं, बल्कि भारत की बेटियों को मिला वह न्याय है जिसका इंतजार दशकों से था। मैं देश की सभी बहनों से कहती हूँ – तैयारी करो, अब दिल्ली भी तुम्हें बुला रही है|
भारतीय जनता पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जिसने सदैव माताओ, बहनो, बेटीयो के हक़ व सम्मान के लिए आवाज़ उठाई है
डॉ श्वेता कौशिक
ज़िला उपाध्यक्ष
भाजपा, मुजफ्फरनगर
(उत्तर प्रदेश)

