मुज़फ्फरनगर — आगामी 13 अप्रैल को मुज़फ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की विशाल जनसभा को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से जनपद में चलाया जा रहा है व्यापक जनसंपर्क अभियान
मुज़फ्फरनगर -- आगामी 13 अप्रैल को मुज़फ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की विशाल जनसभा को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से जनपद में चलाया जा रहा है व्यापक जनसंपर्क अभियान

इसी क्रम में प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास कपिल देव अग्रवाल ने आज मुज़फ्फरनगर कचहरी परिसर में पहुंचकर अधिवक्ता बंधुओं के बीच सघन डोर-टू-डोर जनसंपर्क किया।

इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करते हुए उन्हें 13 अप्रैल की जनसभा में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने हेतु आमंत्रित किया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह जनसभा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से आह्वान किया कि वे स्वयं भी कार्यक्रम में उपस्थित हों तथा अधिक से अधिक लोगों को भी प्रेरित करें, जिससे यह जनसभा ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त कर सके।
जनसंपर्क के दौरान अधिवक्ता बंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अधिवक्ता एवं पदाधिकारीगण सुरेन्द्र मलिक (महासचिव, जिला बार संघ), चन्द्रवीर सिंह निर्वाल (पूर्व महासचिव), प्रदीप मलिक (पूर्व महासचिव), अनिल जिंदल (पूर्व अध्यक्ष), डीजीसी राजीव शर्मा, मानवेन्द्र जैन, रामफल सिंह पुंडीर, नेपाल सिंह वर्मा, अतुल हसन, सुरेन्द्र त्यागी, राजेश शर्मा, गोपाल माहेश्वरी, ओमप्रकाश उपाध्याय, रविन्द्र पाल, अमित त्यागी, शिवकुमार कश्यप, प्रदीप वर्मा, सीताराम वर्मा, प्रवीण जावला, अमित मित्तल, राजेन्द्र शर्मा, नीरज गौतम, रामफल सिंह गुर्जर, अंकित त्यागी, विवेक त्यागी, अनुप सिंह सैनी, राजकुमार बंसली, अमित सिंगल, विनोद कौशिक, अनुज गुप्ता, सुनील गुप्ता, हर्षपाल सिंह सहित अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।
अंत में अधिवक्ता बंधुओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के विचारों को सुनने एवं जनसभा में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।

