वननेस वन अभियान के छठे चरण में 23 अगस्त को 630 स्थानों पर लगाए जाएंगे 10 लाख पौधे
प्रकृति के साथ समरसता का संदेश लेकर संत निरंकारी मिशन चला रहा पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
मुजफ्फरनगर। बाबा हरदेव सिंह जी का दिव्य संदेश “प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक है” केवल पर्यावरण संरक्षण का आह्वान नहीं, बल्कि मानवीय चेतना को निर्मल बनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करने वाली प्रेरणा है। इसी संदेश को साकार रूप देते हुए संत निरंकारी मिशन की पर्यावरण संरक्षण पहल ‘वननेस वन—प्रकृति के साथ समरसता’ के माध्यम से हरित, संतुलित एवं सतत भविष्य के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
जनपद के संयोजक हरीश कुमार एवं मीडिया सहायक सुशील कुमार अंश ने बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से अगस्त 2021 में शुरू हुई यह अनूठी पहल आज देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ मानवीय संबंध को मजबूत करना, पर्यावरण संरक्षण को जीवन-मूल्य के रूप में स्थापित करना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पृथ्वी का निर्माण करना है।
23 अगस्त को अभियान के छठे चरण का शुभारंभ
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा 23 अगस्त 2026, रविवार को ‘वननेस वन’ अभियान के छठे चरण का शुभारंभ किया जाएगा। यह अभियान देशभर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 630 स्थानों पर एक साथ आयोजित होगा। इस दौरान संत निरंकारी मिशन के लाखों श्रद्धालु एवं स्वयंसेवक पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में सहभागिता करते हुए लगभग 10 लाख पौधों का रोपण करेंगे।
अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
350 वृक्ष समूह और 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थल
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि भारत के विभिन्न राज्यों में अब तक लगभग 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु एवं सेवादार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से समाज में प्रकृति के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सामूहिक सहभागिता की संस्कृति को भी मजबूत किया जा रहा है।
पौधे लगाने के बाद भी जारी रहेगी जिम्मेदारी
सहारनपुर जोन के जोनल इंचार्ज कुलभूषण चौधरी ने बताया कि ‘वननेस वन’ अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि मिशन पौधे लगाने के बाद अपनी जिम्मेदारी समाप्त नहीं करता। प्रत्येक पौधे की तीन से पांच वर्षों तक नियमित देखभाल और संरक्षण किया जाएगा।
इसका उद्देश्य लगाए गए पौधों को विकसित कर सघन लघु वनों का रूप देना है, जिससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिले, इकोसिस्टम मजबूत हो और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास
वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार हो रहे क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में संत निरंकारी मिशन का यह अभियान प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दे रहा है।
मिशन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। एक पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन उसे सुरक्षित रखकर वृक्ष बनाना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।
‘वननेस वन—प्रकृति के साथ समरसता’ अभियान इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए लोगों को प्रकृति से जुड़ने, पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित कर रहा है।
धरती केवल वर्तमान पीढ़ी की विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
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