मुजफ्फरनगर, 26 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार के बाल श्रम मुक्त अभियान के तहत श्रम विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न होटल, ढाबों, फैक्ट्रियों और दुकानों पर छापेमारी कर 15 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इनमें 6 बच्चे खतरनाक श्रेणी के कार्यों में लगे मिले, जिनके संबंध में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
यह अभियान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध इंदू सिद्धार्थ तथा सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में चलाया गया। संयुक्त टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी शालू राणा, बालेश्वर सिंह, थाना मानव तस्करी विरोधी इकाई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था के प्रतिनिधि शामिल रहे।
अभियान के दौरान इशा बेकरी, अरमान होटल और हयात होटल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा भोपा रोड, आर्य समाज रोड, रेलवे स्टेशन रोड और भोपा बस स्टैंड क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया गया, जहां 9 किशोर श्रमिकों को चिन्हित कर नियमानुसार निरीक्षण टिप्पणी की गई।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह ने बताया कि बाल श्रम मुक्त अभियान 31 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा। सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वाले सेवायोजकों के खिलाफ बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत एक वर्ष तक की सजा या ₹20,000 से ₹50,000 तक जुर्माने का प्रावधान है।

अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मानव तस्करी विरोधी थाना तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था के अधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सहयोग किया।
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