उत्तर प्रदेशराज्य

गुड गवर्नेंस के रोल मॉडल योगी, चार साल में वो कर दिखाया, जो बरसों में हो न पाया

गुड गवर्नेंस के रोल मॉडल योगी, चार साल में वो कर दिखाया, जो बरसों में हो न पाया

धर्म से बड़ी कोई राजनीति नहीं और राजनीति से बड़ा कोई धर्म नहीं। यूं तो ये बात लोहिया ने कही और लोहिया का नाम जपकर समाजवाद के नाम पर सत्ता चलाने वालों को जब यूपी के जनादेश ने मटियामेट कर दिया तो पहली बार किसी धार्मिक स्थल का प्रमुख किसी राज्य का सीएम बना। गोरक्षा पीठ शिव के अवतार महायोगी गुरू गोरक्षनाथ के नाम पर स्थापित मंदिर नाथ संप्रदाय का विश्वप्रसिद्ध मंदिर है। हिन्दू धर्म, दर्शन, अधायत्म और साधना के लिए विभिन्न सांप्रदायों और मत-मतात्रों में नाथ संप्रदाय का प्रमुख स्थान है। हिन्दुओं के आस्था के इस प्रमुख केंद्र यानी गोरक्ष पीठ के पीठाधेश्वर महंत आदित्यनाथ संन्यासी हैं लेकिन सत्ताधीश हैं, कठोर फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं लेकिन उनके साथ काम करने वाले लोग कहते हैं कि अंदर से उनका दिल बड़ा कोमल है।प्रधानमंत्री मोदी के जितने विरोधी हैं उतने ही शायद इनके भी लेकिन उससे दो गुने इनके समर्थक भी हैं। मुख्यमंत्री एक राज्य के हैं लेकिन पहचान एक राष्ट्रीय नेता की है। सालों में योगी ने बहुत तेजी से कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। रस्मअदागी समझे जाने वाले घोषणापत्र यानी बीजेपी के संकल्प सार्थक बनाने के लिए उन्होंने ताबड़तोड़ फैसले लिए। योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल का चौथा साल पूरा किया। आज से ठीक चार बरस पहले देश के सबसे बड़े सूबे की कमान योगी आदित्यनाथ ने संभाली थी। लेकिन ठीक एक साल बाद जनता के सामने यूपी सरकार अपने काम को लेकर जाएगी। जनता के फैसले में भले ही एक साल का वक्त बाकी हो लेकिन योगी सरकार ने अपनी रिपोर्ट जनता तक पहुंचानी शुरू कर दी है।योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। योगी आदित्‍यनाथ (तब अजय सिंह बिष्ट के नाम से जाने जाते थे) बचपन से ही बहुत कुशाग्र और कर्मठ स्‍वभाव के थे। बचपन में ही उनका मन अध्‍यात्‍म की ओर भी झुकने लगा था। योगी आदित्‍यनाथ ने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है. साल 1993 में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान अजय सिंह बिष्‍ट (संन्‍यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम योगी आदित्‍यनाथ पड़ा), गुरु गोरखनाथ पर शोध करने के लिए गोरखपुर आए और तत्‍कालीन गोरक्षपीठाधीश्‍वर महंत अवेद्यनाथ के संपर्क में आए। साल 1994 में दीक्षा के बाद वह योगी आदित्यनाथ बन गए थे। योगी हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संस्थापक भी हैं। 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे और हर बार उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ता ही गया। फिर आता है साल 2017 का वो दौर जब यूपी में नरेंद्र मोदी के नाम पर सवार बीजेपी की पतवार ने पूरे दम-खम से जीत सुनिश्चित की और 312 सीटें जीती। बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा का नाम अचानक से सुर्खियों में आ गया और उनकी बायोग्राफी भी मीडिया में तैयार होने लगी साथ ही समीकरण भी पेश किए जाने लगे। मनोज सिन्हा दिल्ली से काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे और वहीं चार्टेड प्लेन का इंतजार करने लगे। दिल्ली में मौजूद केशव मौर्या के चेहरे की मुस्कान इस वक्त और खिलखिला उठी जब लखनऊ के एयरपोर्ट पर नारे लगे ‘पूरा यूपी डोला था, केशव-केशव बोला था’। लेकिन तमाम तैरते नामों के बीच योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को यूपी की बागडोर संभाली। योगी उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर उतरे। उत्तम प्रदेश यानी ऐसा प्रदेश जहां कानून व्यवस्था टाइट हो, महिलाओं और लड़कियों के साथ सड़कें सुरक्षित हों। रोजगार हो।सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर एक्शन नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में उत्तर प्रदेश को उपद्रव की आग में झोंकने वालों और दंगा−आगजनी की साजिश को पर्दे के पीछे से अंजाम देने वाली देश विरोधी ताकतों के खिलाफ प्रदेश के कप्तान योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा खोल दिया। यूपी की सत्ता पर काबिज योगी सरकार एक तरफ जहां अमन-चैन से रहने का पाठ पढ़ाती रही वहीं शांति भंग करने वालों के खिलाफ एक्शन मोड में भी नजर आई। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हिंसा के अगले दिन ही यह साफ कर दिया था कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही 21 दिसंबर को ही 4 सदस्य कमेटी बना दी जो पूरे उत्तर प्रदेश में तबाही और नुकसान का जायजा लेकर, हर्जाने के तौर पर हर दोषी से पैसे वसूलेगी। यूपी के शहर दर शहर ऐसे पोस्टर चिपकाए गए। योगी के इस आदेश का खौफ इतना दिखा कि बुलंदशहर जिला प्रशासन द्वारा हिंसा में 6 लाख 27 हजार रुपये की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के आंकलन के बाद सदर ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस समेत कई नेताओं ने चंदा एकत्र कर भरपाई कर दी। अपराधियों पर फुल एक्शन योगी सरकार में आम लोगों के अच्छे दिन आए हों या नहीं लेकिन यूपी के अपराधियों और उपद्रवियों के बुरे दिन जरूर शुरु हो गए हैं। कभी अस्पताल तो कभी सचिवालय, कभी नगर निगम तो कभी थाने। हर जगह योगी आदित्यनाथ सख्ती से नियमों का पालन करवाने में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के साथ ही योगी आदित्यानाथ ने ऐलान किया था कि अब यूपी में अपराधियों की कोई जगह नहीं होगी। कट्टेबाजी और बमबाजी के लिए उत्तर प्रदेश एक अरसे से बदनाम रहा है। सरकार किसी की भी रही हो, तूती बंदूकबाजों की ही बोलती थी। लेकिन वक्त बदला और बदलते वक्त में यूपी में अपराधी कन्फ्यूज हो गए कि करें तो क्या करें। यूपी ने एक दौर ऐसा भी देखा कि एनकाउंटर का खौफ उनके सिर पर गिद्ध बनकर नाचने लगा। जो जेल में थे वो जेल से बाहर आना नहीं चाहते और जो बाहर हैं वो घर से बाहर निकलना नहीं चाहते थे। जो फरार थे वो जेल जाने को बेकरार हो गए। यूपी पुलिस नहीं तो किसी तरह आसपास की पुलिस से सेटिंग कर किसी तरह जेल भिजवा देने की जुगत में लग गए नहीं तो बाहर गोली न खानी पड़ जाए। 15 हजार के एक ईनामी बदमाश ने तो हापुड़ के थाने में जाकर खुद ही सरेंडर तक कर दिया था। 20 मार्च 2017 से 15 मार्च 2021 यानी पूरे 4 साल तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 4 वर्षों में पुलिस और बदमाशों के बीच 7500 से ज्यादा मुठभेड़ हुई जिसमें 5 लाख के इनामी विकास दुबे से लेकर 5 हजार के इनामी शामली के शातिर लुटेरे इकराम उर्फ टोला तक को मुठभेड़ में मार गिराया गया। कुल 135 अपराधी मारे गए जिनमें 111 इनामी बदमाश थे और 24 गैर इनामी बदमाश थे। एक नजर उत्तर प्रदेश में हुए अपराधों पर भी डालते हैं- साल 2017 में हुए अपराध हत्या – 4324 अपहरण- 19921 बलात्कार- 4246 बलात्कार का प्रयास- 601 बलवा- 8990 लूट- 4089 डकैती- 263 गंभीर वारदातें- 64,450 2020 में हुए अपराध हत्या- 3468 बलात्कार- 2317 बलवा- 5376 लूट- 1384 डकैती- 85 कुल दर्ज एफआईआर- 3,52,651माफियाओं पर योगी सरकार का स्ट्राइक लगातार जारी है। मुख्तार से लेकर अतीक तक सब टागरेट पर हैं। योगी ने कैसे यूपी के भू-माफियाओं से 67 हजार हेक्टेयर जमीन खाली करवा ली गई। यूपी में न उन अपराधियों की खैर है जो बल और बंदूक के दम पर कभी दहशत का खेल खेलते थे। न उन भूमाफियाओं का जिन्होंने गरीबों और किसानों की जमीनें हड़प ली। यूपी के हर माफिया पर योगी का हंटर नॉनस्टॉप चल रहा है। माफियाओँ के खिलाफ योगी सरकार का ये एक्शन साल 2017 से जारी है। अब तक 67 हजार हेक्टेयर से ज्यादा की जमीन इन माफियाओं से खाली करवाई जा चुकी है। इन जमीनों पर मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे कई गैंगस्टर का कब्जा था। योगी सरकार इन जमीनों पर मिनी स्टेडियम, पंचायत घर और टॉयलेट बनवा रही है। अब तक कुल 1 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है। इसके साथ ही आजम खान जिसके बारे में कभी कहा जाता था कि आजमखान ही रामपुर हैं और रामपुर ही आजमखान पिछले चार साल में उन पर 100 मुकदमें दर्ज हुए। आजम खान सहित उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल जाना पड़ा। आजम के जौहर विश्वविद्यालय की बाउंड्री तोड़े जाने से लेकर जमीन तक की लीज को खत्म कर दिया गया।यूपी में योगी सरकार के आने के बाद से ही सूबे भर में कांवड़ियों पर सरकार मेहरबान नजर आई तो दूसरी तरफ सावन के महीने में कांवड़ियों के रूट पर मांस की बिक्री पर रोक लगाने का काम किया। कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने का काम योगी के राज में हुआ है। यूपी में बनेगा सबसे ज्यादा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट वाला प्रदेश बनने जा रहा है। लखनऊ और वाराणसी के बाद कुशीनगर तीसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हो गया है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का लाइसेंस मिल गया है।अयोध्या व जेवर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में 10 एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है।

डिफेंस कॉरिडोर की वजह से उत्तर प्रदेश देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले देश-विदेश में अलग-पहचान बना ली है। केवल देश ही नहीं दुनिया भर से लगातार इनवेंस्टमेंट आ रहे हैं। बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया शो 2021 में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने 4500 करोड़ रुपए का निवेश अपनी ओर आकर्षित किया। यूपी में 57 हजार करोड़ रुपए के निवेश के साथ कई घरेलू और विदेशी एमएनसीएस कंपनियां अभी लाइन अप हैं। इसके साथ ही सीएम योगी ने 20 हजार करोड़ के निवेश को राज्य की ओर आकर्षित करने के लिए डेटा सेंटर पॉलिसी को लॉन्च किया। योगी सरकार ने 2018 में यूपी इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। इस आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश में 4.28 लाख करोड़ के निवेश को योगी सरकार लाने में कामयाब हुई। कोरोना से लड़ने में सक्रियता को टाइम और डब्ल्यूएचओ ने सराहा टाइम मैगजीन ने कोरोना संकट के दौरान योगी सरकार की सक्रियता की सराहना की है। दरअसल टाइम मैगजीन में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इसमें कोरोना संकट में उठाए गए कदमों, कोरोना से होने वाली मौतों पर नियंत्रण और बेहतर रिकवरी रेट 94 प्रतिशत से ऊपर रहने जैसे तमाम केंद्र बिन्दुओं के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ की सक्रियता को सराहा है। श्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए योगी सरकार द्वारा अपनाई गई काॅन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग तकनीक की सराहना की थी। डब्ल्यूएचओ ने यूपी में की गई काॅन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग को कारगर बताते हुए दूसरे देशों को भी इसे अपनाने की नसीहत भी दे डाली थी। लव जिहाद और गौ हत्या विरोधी कानून उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध अध्यादेश लेकर आई है। अध्यादेश में योगी सरकार ने लव जिहाद जैसा घिनौना कृत्य करने वालों पर सख्त रुख अख्तियार किया है। अध्यादेश के अनुसार धोखे से धर्म परिवर्तन कराने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। साथ ही अध्यादेश में इस बात पर भी बल दिया गया है कि यदि धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो इसकी सूचना जिले के जिलाधिकारी को दो महीने पहले देनी होगी। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण कानून बनाया, जिसके तहत गौह्त्या पर 3 से 10 साल की सजा और गौवंश को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर पौने दो साल की सजा का प्रावधान है। यूपी में तमाम अवैध स्लाटर हाउस बंद कर दिए गए।

इसके साथ ही प्रदेश में टीचर और पुलिस में भारी पैमाने पर भर्तियां हुईं दिमागी बुखार पर नियंत्रण, 95 प्रतिशत तक मौत की दर कम हुई। 30 नए मेडिकल कॉलेज बनाए। 30 नए मेडिकल कॉलेज बनाए, 26 पॉलीटेक्निक, 79 आटीआई और 248 इंटर कॉलेज बनाए। 3 नए विश्वविद्यालय, 51 राजकीय महाविद्यालय और 28 इंजीनियरिंग कॉलेज बनाए। 1 लाख 35 हजार सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया। कुल मिलाकर कहें तो जब जीवन में अपने लिए पाने का भाव खत्म हो जाता है, दूसरों के लिए काम करने का भाव जन्म लेता है। तब एक इंसान बनता है योगी। योगी लगे हैं लगातार उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी को एक ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुंचाकर एक बड़ी भूमिका के निर्वहन के पथ पर। -अभिनय आकाश

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