मेरठ। थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के फुलत स्थित रहिमिया मदरसे के संचालक हफिजुर्रहमान अंसारी और जुबेर अंसारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर स्वामी यशवीर महाराज ने मेरठ पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
स्वामी यशवीर महाराज की ओर से जारी बयान के अनुसार, मेरठ नगर निवासी अल्ला राजी पुत्र सगीर अहमद पर उनकी पुत्री द्वारा दिए गए बयान को वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप है। आरोप यह भी है कि बयान वापस लेने के लिए दबाव बनाने के साथ उनके ऊपर हमला भी करवाया गया।
पुलिस कार्रवाई का किया स्वागत
स्वामी यशवीर महाराज ने मामले में मेरठ पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि कानून के शासन में किसी भी व्यक्ति को गवाहों को धमकाने, दबाव बनाने अथवा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
धर्मांतरण के आरोपों की भी जांच की मांग
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि हफिजुर्रहमान अंसारी और जुबेर अंसारी द्वारा फुलत स्थित रहिमिया मदरसे में बड़ी संख्या में हिंदुओं का धर्मांतरण कराया गया। स्वामी यशवीर महाराज के अनुसार, इस मामले की भी जांच चल रही है।
धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के प्रकाशन के समय उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने मेरठ पुलिस से पूरे प्रकरण में सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गवाहों पर दबाव या न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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