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मुजफ्फरनगर, 23 जुलाई – भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि जनपद में कुछ निजी दुकानों पर अमोनियम सल्फेट उर्वरक को भ्रामक तरीके से “भारत एनपीके” के नाम से बेचा जा रहा है, जिससे किसान भ्रमित हो रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भाकियू (अराजनीतिक) के जिला अध्यक्ष सुधीर पंवार (पहलवान) ने ज्ञापन में कहा कि एनपीके उर्वरक और अमोनियम सल्फेट की संरचना एवं उपयोग अलग-अलग हैं। यदि किसान अमोनियम सल्फेट को एनपीके समझकर प्रयोग करेंगे तो फसलों में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
ज्ञापन में कहा गया कि यह मामला केवल भ्रामक पैकेजिंग का नहीं, बल्कि किसानों के साथ धोखाधड़ी और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के संभावित उल्लंघन का भी है।
भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा भ्रामक तरीके से उर्वरक की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
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