
मुजफ्फरनगर, 28 अक्टूबर 2026 – मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंडलायुक्त सहारनपुर के मार्गदर्शन और MDA उपाध्यक्ष प्रांता ऐश्वर्या के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने जोन-3 में अभियान चलाते हुए पांच अस्पतालों समेत कुल छह निर्माणों को सील कर दिया। इनमें रुड़की रोड और रुड़की चुंगी क्षेत्र में स्थित अस्पताल भी शामिल हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माणकर्ताओं को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और अपना पक्ष रखने के लिए कई बार सुनवाई का अवसर भी दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित पक्षों की ओर से प्राधिकरण कार्यालय में शमन मानचित्र (कम्पाउंडिंग नक्शा) प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद जारी सीलिंग आदेशों के अनुपालन में बुधवार को कार्रवाई की गई।
रुड़की रोड के पांच अस्पतालों पर कार्रवाई
MDA की कार्रवाई में चरक हॉस्पिटल, जेयू हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल, अमृत हॉस्पिटल और इंडियन हॉस्पिटल को सील किया गया। इसके अतिरिक्त घास मंडी क्षेत्र में चंद्रा टॉकीज के निकट स्थित एक अन्य निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई:
1. चरक हॉस्पिटल: रुड़की चुंगी रोड पर शेरपुर रास्ते के सामने स्थित इस अस्पताल को सील किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित पक्ष को 27 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था और 17 जनवरी 2026 को सीलिंग आदेश पारित हुआ था।
2. जेयू हॉस्पिटल: रुड़की रोड स्थित इस अस्पताल को भी सील किया गया। इसके संबंध में 6 अगस्त 2026 को नोटिस जारी किया गया था और 22 सितंबर 2026 को सीलिंग आदेश पारित हुआ।
3. अपोलो हॉस्पिटल: रुड़की चुंगी रोड पर डीबा टी स्टॉल के निकट स्थित अस्पताल पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को नोटिस और 29 सितंबर 2026 को सीलिंग आदेश जारी किया गया था।
4. अमृत हॉस्पिटल: इंदिरा कॉलोनी, रुड़की रोड स्थित इस अस्पताल को सील किया गया। संबंधित निर्माण के संबंध में 20 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किया गया था और 27 अगस्त 2026 को सीलिंग आदेश पारित हुआ था।
5. इंडियन हॉस्पिटल: इंदिरा कॉलोनी, रुड़की रोड स्थित इस अस्पताल पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को नोटिस और 7 सितंबर 2026 को सीलिंग आदेश जारी किया गया था।
6. घास मंडी क्षेत्र का निर्माण: चंद्रा टॉकीज के निकट स्थित एक अन्य निर्माण को भी सील किया गया। इसके संबंध में 14 जुलाई 2026 को नोटिस जारी हुआ था और 4 अगस्त 2026 को सीलिंग आदेश पारित किया गया था।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई सीलिंग
सीलिंग अभियान के दौरान MDA के सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्राधिकरण की टीम और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में संबंधित निर्माणों को सील करने की कार्रवाई पूरी की गई।
शमन मानचित्र स्वीकृत होने के बाद ही खुलेगी सील
MDA सचिव ने स्पष्ट किया कि संबंधित निर्माणकर्ताओं को प्राधिकरण कार्यालय में शमन मानचित्र प्रस्तुत करना होगा। शमन मानचित्र की स्वीकृति मिलने के बाद ही नियमानुसार सील खोलने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अवैध निर्माणों और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माणों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित निर्माणकर्ताओं को नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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