
# आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, असंतुष्ट शिकायतकर्ता से बात के बाद ही अपलोड होगी आख्या
**एडीएम गंभीर सिंह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दी सख्त हिदायत, कर-करेत्तर वसूली में पिछड़ने वाले विभागों पर भी जताई नाराजगी**
**मुजफ्फरनगर, 28 अक्टूबर 2026।** आईजीआरएस, सीएम डैशबोर्ड और कर-करेत्तर मामलों की समीक्षा के लिए बुधवार को जिला पंचायत सभागार में बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की गई। एडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि कोई भी जनशिकायत निर्धारित समयसीमा के बाद डिफॉल्टर की श्रेणी में न पहुंचे। सभी विभागीय अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
### असंतुष्ट शिकायतकर्ता से बातचीत के बाद ही अपलोड होगी आख्या
एडीएम गंभीर सिंह ने निर्देश दिए कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। सी-श्रेणी में आने वाले मामलों और असंतुष्ट फीडबैक वाली शिकायतों का निस्तारण करते समय शिकायतकर्ता से संपर्क कर बातचीत की जाए। शिकायतकर्ता से वार्ता करने के बाद ही निस्तारण संबंधी आख्या पोर्टल पर अपलोड कराई जाए।
उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए शिकायतों का निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभाग शिकायतों के निस्तारण के बाद मिलने वाले फीडबैक पर विशेष ध्यान दें और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का स्तर बेहतर बनाएं, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके।
### खराब प्रदर्शन वाले विभागों को सुधार के निर्देश
बैठक में विद्युत विभाग के विभिन्न खंडों, जिला पंचायती राज विभाग, लघु सिंचाई, जल निगम ग्रामीण, विकास प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा, ग्राम विकास, जिला चकबंदी और जिला पूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रिपोर्ट में खराब श्रेणी में आने वाले इंडिकेटरों की स्थिति सुधारने के लिए भी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस, सीएम डैशबोर्ड और अन्य संबंधित मामलों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
### कर-करेत्तर वसूली में पिछड़े विभागों पर जताई नाराजगी
कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान सी-श्रेणी में आने वाले विभागों के प्रदर्शन पर एडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों तथा लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और कृषि विभाग के संबंधित अधिकारियों से कहा कि वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला अग्निशमन अधिकारी अनुराग, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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