
मुजफ्फरनगर – जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आबकारी विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को जनपद की मदिरा दुकानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान POS मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने, स्टॉक रजिस्टर से मदिरा का भौतिक सत्यापन करने और निर्धारित मूल्य पर बिक्री की जांच के लिए गोपनीय टेस्ट परचेस कराया गया।
POS मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री के निर्देश
अपर मुख्य सचिव, महोदया एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में आबकारी निरीक्षकों ने मदिरा की दुकानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को POS मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्टॉक रजिस्टर से किया मदिरा का मिलान
अभियान के दौरान दुकानों पर उपलब्ध मदिरा के स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर से भौतिक सत्यापन किया गया। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए गोपनीय टेस्ट परचेस कराया गया कि मदिरा की बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही हो रही है या नहीं।
QR कोड स्कैन कर की गई जांच
आबकारी निरीक्षकों ने दुकानों में संचित स्टॉक से रैंडम आधार पर बोतलों का चयन किया। इन बोतलों पर लगे QR कोड को विभागीय ऐप के माध्यम से स्कैन कर जांच की गई। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मदिरा की पहचान और उपलब्ध स्टॉक की जांच करना था।
CCTV कैमरे चालू रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मदिरा की दुकानों पर लगे CCTV कैमरों को लगातार क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य मदिरा की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना, निर्धारित मूल्य का अनुपालन सुनिश्चित करना और स्टॉक की नियमित निगरानी करना है।
मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों पर बिक्री व्यवस्था, स्टॉक सत्यापन, QR कोड जांच और CCTV निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

