मुजफ्फरनगर, 3 सितंबर 2026। विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं आयोग के दीपक गोयल की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गो सेवा को पवित्र एवं सतत कार्य के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में 7,700 से अधिक गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जहां 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 1,87,065 गोवंश जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किए गए हैं और उनके भरण-पोषण की धनराशि डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में भेजी जा रही है।
मुजफ्फरनगर में 23 गौ आश्रय स्थल, 6,194 गोवंश संरक्षित
बैठक में बताया गया कि जनपद मुजफ्फरनगर में वर्तमान में 23 गो आश्रय स्थल क्रियाशील हैं, जिनमें 6,194 गोवंश का संरक्षण एवं पालन किया जा रहा है।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशालाओं में क्षमता के अनुसार ही गोवंश रखे जाएं। नंदी, गर्भवती गाय और गाय के बच्चों को अलग-अलग रखने, भूसा भंडारण, हरे चारे और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसी भी गोवंश या नंदी को बांधकर न रखा जाए और कोई भी गोवंश सड़क पर घूमता हुआ दिखाई न दे। सड़क पर मिलने वाले निराश्रित गोवंश को तत्काल गौशाला में शिफ्ट कराया जाए।
गौशालाओं में लगाए जाएंगे पेड़
जिन गौशालाओं में अभी तक वृक्षारोपण नहीं हुआ है, वहां ‘मां’ और ‘गुरु’ के नाम से पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सहभागिता योजना के तहत दिए गए गोवंश का नियमित निरीक्षण करने और गोपालकों को मानदेय समय से उपलब्ध कराने को कहा गया।
गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार दफनाने तथा नए गोवंश संरक्षण केंद्रों के लिए एसडीएम से समन्वय कर भूमि की व्यवस्था कराने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता, तहसीलदार, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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