मुजफ्फरनगर – ऐतिहासिक तीर्थनगरी शुकतीर्थ (शुक्रताल) में आयोजित होने वाले कार्तिक गंगा स्नान मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 21 से 25 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले मेले में 24 नवंबर को मुख्य गंगा स्नान पर्व होगा। मेले को भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने मेला स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
पुलिस विभाग को मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने, बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और अग्निशमन दल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोकने तथा बांध मार्ग पर सरकारी वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश भी दिए गए। तहबाजारी वसूली पर निगरानी रखने को भी कहा गया।
शराब और मादक पदार्थों की बिक्री पर रहेगा प्रतिबंध
आबकारी विभाग को मेला क्षेत्र में शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी।
सड़क, घाट और बिजली व्यवस्था होगी दुरुस्त
ड्रेनेज विभाग को घाटों पर चल रहे निर्माण कार्य तत्काल बंद रखने तथा बांध, सीसी मार्ग और खंजरों की मरम्मत के साथ घाटों की रंगाई-पुताई समय से पूरी कराने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को मोरना से शुक्रताल मार्ग की पटरियों की सफाई, मिट्टी भराई, सड़क के गड्ढे भरने और पुल की टूटी रेलिंग ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा झूलते और लटकते बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराने को कहा गया। वहीं, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को स्नान घाटों और प्रमुख स्थलों पर लगी हाईमास्ट लाइटों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम
स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में डिस्पेंसरी, एंबुलेंस, पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही डीडीटी और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को धूल से बचाव के लिए दो पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव कराने और रास्तों में बाधा बन रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई कराने को कहा गया। पंचायती राज विभाग और स्थानीय निकायों को पानी के टैंकर, सफाई कर्मचारियों तथा ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
किसानों के लिए लगेगी कृषि प्रदर्शनी
पशु चिकित्सा विभाग को मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के पशुओं, विशेषकर भैंसा-बुग्गियों के लिए आवश्यक चिकित्सा एवं देखभाल की व्यवस्था करने को कहा गया। कृषि विभाग को किसानों के मार्गदर्शन और जागरूकता के लिए कृषि प्रदर्शनी आयोजित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारी मोरना को भी मेले के दौरान आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला पंचायत द्वारा परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी मेले की संपूर्ण व्यवस्थाएं कराई जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल और एडीएम गंभीर सिंह ने मेला स्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी जानसठ रश्मि लव, अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार, जिला पंचायत के स्टेनो अक्षय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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