दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने सूझबूझ दिखाई और विमान को बड़ी दुर्घटना से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। कुछ ही समय में विमान हजारों फीट नीचे आ गया और अंतरराष्ट्रीय हाइजैक इमरजेंसी कोड 7500 भी सक्रिय हुआ।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने नहीं खोया हौसला
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के बाद भी उन्होंने हालात संभालने की कोशिश जारी रखी। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई।
विमान में 174 यात्री सवार थे। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। यात्रियों को बाद में आगे की यात्रा के लिए दूसरे विमान से भेजे जाने की व्यवस्था की गई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने Flydubai से पहले करीब 11 वर्ष SpiceJet में काम किया और 2022 में Flydubai से जुड़े। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हमले की वजह की जांच जारी
इजरायली अधिकारियों ने को-पायलट को ओमानी नागरिक बताया है। हालांकि उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और हमले की वजह या मकसद की जांच अभी जारी है। Flydubai ने भी घटना के कारणों पर अटकलें लगाने से बचने की अपील की है।
इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार के साथ यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की भूमिका भी सामने आई है। भारतीय कैप्टन के साहस और सूझबूझ की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
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