मुजफ्फरनगर, 1 अक्टूबर 2026 – विकास भवन सभागार में राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की अध्यक्षता में जन सूचना अधिकार (RTI) अधिनियम की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में RTI के तहत लंबित आवेदनों की स्थिति और उनके समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण की समीक्षा की गई। राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि RTI नियमों का भली-भांति अध्ययन करते हुए आवेदकों को निर्धारित समय में सही एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपनी शिकायत लेकर आयोग तक न जाना पड़े।
आयुक्त ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 162 RTI मामले लंबित हैं। उन्होंने इन मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आयोग में जनपद से जुड़े 565 मामलों में अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया जा चुका है। इनमें से कई मामलों में अर्थदंड की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष मामलों में वसूली की प्रक्रिया जारी है।
आयोग की सुनवाई में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य
राज्य सूचना आयोग में सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्वयं अथवा अधिकृत सरकारी प्रतिनिधि के माध्यम से अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर मुख्य विकास अधिकारी को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह, नगर मजिस्ट्रेट दीपक कुमार पाल, एडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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