मुजफ्फरनगर, 1 अक्टूबर 2026 – महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर सनातन धर्म कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा समिति के तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में सत्य और अहिंसा’ विषय पर व्याख्यान एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार पुण्डीर के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के समन्वयक एवं मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र रहे।
अपने संबोधन में डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने वेद, उपनिषद, रामायण, गीता, महावीर स्वामी, गौतम बुद्ध, आदि शंकराचार्य, संत कबीरदास, गोस्वामी तुलसीदास, स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के सत्य और अहिंसा से जुड़े विचारों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा भारतीय ज्ञान परंपरा का निकष एवं बीज बिंदु हैं। वर्तमान समय में जब दुनिया अस्थिरता, हिंसा और विभिन्न संकटों से गुजर रही है, ऐसे में सत्य और अहिंसा पर आधारित भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डॉ. मिश्र ने स्वामी विवेकानंद के 1893 के शिकागो विश्व धर्म संसद में दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए भारतीय परंपरा में सहिष्णुता और सार्वभौमिकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों एवं जीवन मूल्यों की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों का पुनर्मूल्यांकन कर उन्हें जीवन में धारण करना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. पीयूष शर्मा ने किया। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. नवीन कुमार एवं डॉ. अनूप पटेल ने सहयोग किया।
इस अवसर पर कॉलेज के बड़ी संख्या में शिक्षक, शोध-छात्र एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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