मेरठ – शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण और आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। 21 सितंबर 2026 की सुनवाई में कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की जोन-ए की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 16,726 अनधिकृत भवनों को सील करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण पुराना हो जाने से वैध नहीं हो जाता। रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट ने जोन-ए में चिन्हित सभी अनधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
जोन-ए में कार्रवाई का दायरा सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं है। सर्वे में बेगमपुल, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, भगवतपुरा, तारापुरी समेत कई क्षेत्रों में अनधिकृत भवन चिन्हित किए गए हैं।
अन्य जोनों की भी होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट ने जोन-बी, सी और डी में भी अनधिकृत निर्माणों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वहीं, उल्देपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियों के मामले में भी अदालत ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई और रिपोर्ट मांगी है।
9 दिसंबर को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। तब तक संबंधित जोनों की रिपोर्ट और कार्रवाई की अनुपालन आख्या पेश किए जाने के निर्देश हैं।
व्यापारियों और भवन स्वामियों के लिए यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्रवाई का दायरा सेंट्रल मार्केट से आगे बढ़कर जोन-ए के हजारों भवनों तक पहुंच गया है।
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