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Unlock-5 के 104वें दिन केंद्र तक कोविड-19 टीके की 54.72 लाख खुराक पहुंचाई गई

Unlock-5 के 104वें दिन केंद्र तक कोविड-19 टीके की 54.72 लाख खुराक पहुंचाई गई

केंद्र ने कहा कि मंगलवार दोपहर तक निर्धारित राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय भंडारण केंद्र तक कोविड-19 टीके की 54.72 लाख खुराक पहुंचा दी गयी है तथा 14 जनवरी तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 1.1 करोड़ और भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक मिल जाएगी। कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के तहत 16 जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान से चार दिन पहले मंगलवार सुबह ‘कोविशील्ड’ टीकों की खुराक पुणे से देश के 13 शहरों में भेजने की शुरुआत की गयी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड की 1.1 करोड़ खुराक के अलावा भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीदी जा रही है। कोवैक्सीन की 38.5 लाख खुराक में से प्रत्येक पर 295 रुपये (कर को छोड़कर) की लागत आएगी। भारत बायोटेक 16.5 लाख खुराक निशुल्क मुहैया करा रही है, जिससे इसकी लागत प्रत्येक खुराक पर 206 रुपये आएगी।’’ भूषण ने कहा कि चेन्नई, करनाल, कोलकाता और मुंबई में केंद्र सरकार के चार मेडिकल स्टोर डिपो हैं, जहां पर ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके कोविशील्ड की खुराक पहुंच चुकी है। इसके अलावा सभी राज्यों में कम से कम एक क्षेत्रीय टीका भंडारण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े राज्यों में कई स्टोर हैं। उत्तरप्रदेश में इस तरह के नौ स्टोर हैं, मध्यप्रदेश और गुजरात में चार-चार स्टोर हैं। केरल में तीन भंडारण केंद्र हैं, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और राजस्थान में दो-दो स्टोर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा, ‘‘शाम चार बजे तक टीका भंडारण केंद्रों तक 54,72,000 खुराक पहुंचायी जा चुकी है जबकि 100 प्रतिशत खुराक, सीरम से 1.1 करोड और भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक 14 जनवरी तक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मिल जाएगी।’’

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने कहा कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन का हजारों लोगों पर परीक्षण हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘ये टीके सुरक्षित हैं और इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं देखने को मिला है।’’ भूषण ने कहा कि जायडस कैडिला, रूस के स्पूतनिक वी, बायोलोजिकल ई और जीनोवा के टीके भी भारत में परीक्षण के अग्रिम चरण में है। उन्होंने कहा, ‘‘आगामी दिनों में इनमें से कुछ टीका निर्माता आपात स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति के लिए औषधि नियामक के पास आवेदन कर सकते हैं। क्रमिक तरीके से इन टीकों को पेश किया जाएगा।’’ केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा, ‘‘स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर होंगे। इसके बाद अग्रिम कर्मियों और प्राथमिकता वाले उम्र समूहों का टीकाकरण होगा। स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम कर्मियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।’’ दुनिया में उपलब्ध टीकों की कीमतों के बारे में भूषण ने कहा कि फाइजर-बायोएनटेक के टीके की लागत प्रति खुराक 1431 रुपये आती है। मॉडर्ना के टीके की खुराक की कीमत 2348 रुपये से लेकर 2715 रुपये तक, नोवावैक्स के टीके 1114 रुपये, स्पूतनिक वी के टीके 734 रुपये और जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा निर्मित टीके की कीमत 734 रुपये है। उन्होंने कहा, ‘‘फाइजर के टीके को छोड़कर सभी टीकों को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है। फाइजर के टीके को शून्य से 70 डिग्री सेल्यसयस नीचे के तापमान पर रखना पड़ता है।’’ उन्होंने कहा कि टीके की खुराक देने के 14 दिन बाद असर दिखेगा। लोगों से कोविड-19 के संबंध में उचित व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा, ‘‘दुनिया में कोविड-19 की स्थिति चिंताजनक है, भारत में संक्रमण के रोजाना के मामले घट रहे हैं लेकिन हम ढिलाई नहीं बरत सकते।’’ भूषण ने कहा कि देश में संक्रमण दर 5.7 प्रतिशत पर है जबकि पिछले एक सप्ताह में यह दर दो प्रतिशत दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के करीब 43.96 प्रतिशत मरीज स्वास्थ्य केंद्रों में हैं, 56.04 प्रतिशत घर पर पृथक-वास में हैं।

 

गुजरात के मंदिरों में साष्टांग प्रणाम की इजाजत नहीं

 

कोरोना वायरस महामारी के फैलने के बाद बहुत कुछ बदल गया है, यहां तक कि भगवान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के तरीके में भी बदलाव आ गया है। गुजरात के मंदिरों मेंदर्शन के लिये आने वालों श्रद्धालुओं को साष्टांग प्रणाम की अनुमति नहीं है।श्रद्धालु हाथ जोड़कर केवल नमस्ते कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रसाद लाने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है। राज्य में लॉकडाउन लागू होने के 75 दिन बाद जून में मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को फिर से खोल दिया गया था। प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के प्रबंधक विजयसिंह चावड़ा ने कहा, सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार साष्टांग प्रणाम की अनुमति नहीं है। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत भक्तों को किसी भी चीज को छूने की इजाजत नहीं है।लोगों को केवल दर्शन के लिये मंदिर के गर्भगृह में जाने की अनुमति है। चावड़ा ने कहा, किसी भी भक्त को दिन में तीन बार होने वालीआरती के लिये मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है और न ही एक बार में पांच से अधिक भक्तों को बैठकर पूजा करने की अनुमति है। यज्ञ के दौरान तीन से अधिक लोगों को मौजूद रहने की भी इजाजत नहीं है। बनासकांठा जिले में स्थितगुजरात के एक और प्रसिद्ध मंदिर अंबाजी माता मंदिर में भी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार साष्टांग प्रणाम की अनुमति नहीं है। मंदिर के प्रवक्ता आशीष रावल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भक्तों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद भौतिक दूरी का पालन करते हुए अनिवार्य रूप से मास्क लगाकर ही मंदिर से प्रवेश की अनुमति है।

उत्तराखंड में कोविड-19 के 184 नए मामले

 

उत्तराखंड में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 184नए मामले सामने आये और प्रदेश में 11 अन्य मरीजों ने महामारी से दम तोड़ दिया। स्वासथ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 184 मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 93961 हो गयी है। ताजा मामलों में से सर्वाधिक 89 देहरादून जिले में सामने आए जबकि नैनीताल में 43, हरिद्वार में 18 और उधमसिंह नगर में नौ मरीज मिले। बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार को प्रदेश में 11 और कोविड मरीजों ने दम तोड़ दिया जिससे महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर प्रदेश में 1589 पर पहुंच गयी है। प्रदेश में मंगलवार को 276 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। अब तक कुल 88472 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 2643 है। प्रदेश में कोविड-19 के 1257 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं।

 

उत्तर प्रदेश में पहुंची कोरोना टीकों की पहली खेप

 

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण के लिए टीकों की पहली खेप मंगलवार की शाम को लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंची। आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्‍य में केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप शनिवार से टीकाकरण शुरू होगा। अपर मुख्‍य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने पत्रकारों को बताया कि टीके की पहली खेप आज शाम चार बजे लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंची। उन्‍होंने बताया कि 16 जनवरी से कोरोना टीका लक्षित समूहों को लगाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। सहगल के मुताबिक‍ केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप कोविड टीकाकरण कार्य किया जाएगा और इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। सहगल ने बताया कि लक्षित समूहों को टीकाकरण की कार्यवाही शुरू करते हुए पहले चक्र में स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्‍य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि टीकाकरण की तैयारियों को लेकर राज्य में दो बार पूर्वाभ्‍यास किया जा चुका है और शनिवार से टीकाकरण की कार्यवाही पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि टीके को प्रदेश के आठ स्थानों पर भंडारण करके संबंधित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र और प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में भेजा जायेगा। प्रसाद ने बताया कि टीका सुरक्षित रखने के लिए 1,298 केन्द्र बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों, इसके बाद फ्रंट लाइन कर्मियों (पुलिस कर्मचारी,नगर निगम कर्मचारी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और सशक्त बलों के अधिकारी व कर्मचारी) तथा उसके बाद 50 वर्ष से अधिक आयु वाले एवं 50 वर्ष से कम आयु वाले जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उनको टीका दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सभी लोग मास्क पहनें, हाथ साबुन-पानी से धोते रहें तथा लोगों से दो गज की दूरी बनाये रखें। प्रसाद ने अपेक्षा की है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पहले से बीमार बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचाएं।

 

पुणे से कोविड-19 के टीके को लेकर पहला विमान पहुंचा दिल्ली

 

कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के तहत 16 जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान से चार दिन पहले मंगलवार को ‘कोविशील्ड’ टीकों की 56 लाख से ज्यादा खुराक पुणे से देश के 13 शहरों में भेजने की शुरुआत की गयी। ‘स्पाइसजेट’ का विमान सुबह करीब आठ बजे पुणे हवाईअड्डे से रवाना होने के बाद टीकों के साथ सुबह करीब 10 बजे दिल्ली हवाईअड्डे पहुंचा। इससे पहले तीन ट्रकों में इन टीकों को तड़के पांच बजे से कुछ समय पहले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से पुणे हवाईअड्डे के लिए रवाना किया गया था। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्विटर पर कहा कि टीके के परिवहन का काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि चार विमानन कंपनियां पुणे से देश के 13 शहरों में कोविड-19 टीकों की 56.5 लाख खुराक ले जाने के लिए मंगलवार को नौ उड़ानें संचालित करेंगी। ‘ऑक्सफोर्ड‘ विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिश कम्पनी ‘एस्ट्राजेनेका’ ने ‘कोविशील्ड’ टीके को विकसित किया है और एसआईआई इसका निर्माण कर रहा है।

 

इंदौर में 28,000 स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा टीका

 

मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में इस महामारी के टीके की पहली खेप अगले एक-दो दिन में आने की उम्मीद है और प्रशासन टीकाकरण की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) पवन शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, उम्मीद है कि हमें कोविड-19 के टीके की पहली खेप बुधवार या बृहस्पतिवार तक मिल जाएगी। इस खेप को वातानुकूलन सुविधा वाली वैनों के जरिये संबंधित केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अलग-अलग विभागों के आला अधिकारी कोविड-19 के टीकाकरण से पहले तमाम व्यवस्थाओं को जांच रहे हैं। इस बीच, कोविड-19 की रोकथाम के लिए इंदौर जिले के नोडल अधिकारी अमित मालाकार ने बताया कि पहले चरण के दौरान डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ समेत करीब 28,000 स्वास्थ्य कर्मियों को महामारी का टीका लगाया जाना है। इसके लिए 101 केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में गत 24 मार्च से लेकर 11 जनवरी तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 56,704 मरीज मिले हैं। इनमें से 910 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली में कोविड-19 से 16 और मरीजों की मौत

 

दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 386 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर एक प्रतिशत से काफी नीचे बनी रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह जनवरी में नौवीं बार है जब दैनिक मामले 500 से कम आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि महानगर में संक्रमण के मामले 6.3 लाख हो गए। बीमारी से 16 और मौतें होने से राष्ट्रीय राजधानी में इस महामारी में मरने वालों की संख्या 10,707 हो गई। एक जनवरी को दिल्ली में कुल 585 मामले दर्ज किए गए, जबकि दो जनवरी को 494 नए, तीन जनवरी को 424, चार जनवरी को 384, पांच जनवरी को 442, छह जनवरी को 654, सात जनवरी को 486, आठ जनवरी को 444, नौ जनवरी को 519, 10 जनवरी को 399 मामले सामने आए। 11 जनवरी को शहर में कोविड-19 के 306 नए मामले आए, जो सात महीने से अधिक समय में सबसे कम है। दिल्ली में उपचाराधीन मरीजों की संख्या मंगलवार को घटकर 3,179 रह गई, जो पिछले दिन 3,354 थी। कोविड-19 संक्रमण दर 0.51 प्रतिशत दर्ज की गई है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, 38,706 आरटी-पीसीआर जांच और 37,207 रैपिड एंटीजन जांच सहित पिछले दिन की गईं 75,913 जांचों के बाद ये 386 नए मामले सामने आए। बुलेटिन में कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 6,30,892 हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस बीच, कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खेपच दिल्ली के केंद्रीय भंडारण केंद्र, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) में मंगलवार दोपहर को पहुंच गई। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में लगभग तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीकाकरण अभियान के पहले चरण के लिए कई सरकारी और निजी अस्पतालों समेत 89 केंद्रों को चुना है। टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू होगा।

 

भारत में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2.16 रह गई

 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर मंगलवार को 2,16,558 रह गई जो संक्रमित हुए कुल लोगों का महज 2.07 प्रतिशत है। देश में एक दिन में संक्रमण के 12,584 नए मामले सामने आ रहे हैं, जो पिछले सात महीने में सबसे कम हैं, वहीं इस अवधि में कुल मामलों में 5,968 की कमी आयी है। देश में मंगलवार तक कोविड-19 से मुक्त हुए लोगों की संख्या 1,01,11,294 पहुंचने के साथ ही बीमारी से ठीक होने की दर बढ़कर 96.49 प्रतिशत हो गयी है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण से एक दिन में 167 लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय के अनुसार, 25 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या वर्तमान में 5000 से भी कम है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि ‘सम्पूर्ण सरकार’ और ‘सम्पूर्ण समाज’ के विचार पर आधारित केन्द्र के सतत, अग्रसक्रिय और समन्वत प्रयास के कारण रोजाना आने वाले नए मामलों में लगातार कमी हो रही है। इससे रोज होने वाली मौतों में भी धीरे-धीरे कमी आयी है। जांच की सुविधाओं का विस्तार होने के कारण संक्रमण का दर भी कम हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेखांकित किया, ‘‘भारत में प्रति सप्ताह संक्रमण का दर 2.06 प्रतिशत है और देश में 22 ऐसे राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश हैं जहां संक्रमण का दर राष्ट्रीय औसत से कम है।’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘संक्रमण मुक्त लोगों और उपचाराधीन मरीजों के बीच का अंतर बढ़ रहा है और फिलहाल यह 98,94,736 है। पिछले 24 घंटे में 18,385 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं।’’ उसका कहना है कि हाल ही में संक्रमण मुक्त हुए मरीजों में से 80.50 प्रतिशत लोग 10 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे ज्यादा 4,286 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं, वहीं केरन में 3,922 और छत्तीसगढ़ में 1,255 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। वहीं संक्रमण के नए मामलों में से 70.08 प्रतिशत सात राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से हैं। केरल में एक दिन में सबसे ज्यादा 3,110 नए मामले आए हैं, जबकि महाराष्ट्र में 2,438 और छत्तीसगढ़ में 853 लोग संक्रमित हुए हैं।

ओड़िशा में कोविड-19 के 225 नए मामले

 

ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 225 नये मामले सामने आए हैं जिसके बाद प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर3,32,331 हो गयी जबकि दो और लोगों की मौत के साथ ही राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 1894 पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि नये मामलों में से 131 विभिन्न पृथक-वास केंद्रों से आये हैं जबकि संपर्क में आए लोगों की पड़ताल के दौरान 94 मरीजों का पता चला है। उन्होंने बताया कि गंजम एवं खुर्दा जिलों में एक-एक मरीज की मौत हो गयी जिससे मरने वालों की संख्या प्रदेश में 1894 हो गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2113 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि 328271 मरीज अब तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

 

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