उत्तर प्रदेशदेश

भारतीय कंपनी बनाएगी 100 करोड़ वैक्सीन डोज, QUAD इनिशिएटिव के तहत फैसला

भारतीय कंपनी बनाएगी 100 करोड़ वैक्सीन डोज, QUAD इनिशिएटिव के तहत फैसला

नई दिल्ली. क्वाड देशों (QUAD) के राष्ट्राध्यक्षों की शुक्रवार को हुई बैठक में सबसे बड़ी सफलता ‘कोरोना वैक्सीन इनिशिएटिव’ (Corona Vaccine Initiative) को माना गया है. इस इनिशिएटिव के तहत 100 करोड़ वैक्सीन डोज बनाने की जिम्मेदारी एक भारतीय कंपनी बायोलॉजिकल ई को मिली है. वैक्सीन उत्पादन में इस कंपनी को यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (USIDFC) द्वारा मदद की जाएगी.

बायोलॉजिकल ई दुनिया में टिटनस वैक्सीन की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है. इसके अलावा सांप के जहर का एंटीवेनम तैयार करने वाली ये देश की लीडिंग कंपनी है.वैक्सीन इनिशिएटिव के तहत बायोलॉजिकल ई क्वाड देशों के लिए 20200 के अंत तक 100 करोड़ डोज का निर्माण करेगी.US-IDFC ने बायोलॉजिकल ई को क्यों चुनाUS-IDFC ने जिन अमेरिकी वैक्सीन को भारत में निर्माण के लिए चुना है उसमें जॉनसन एंड जॉनसन समेत अन्य वैक्सीन शामिल हैं. बायोलॉजिकल ई कंपनी में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी के मद्देनजर भी कंपनी को अमेरिका द्वारा चुना गया है. कंपनी की स्थापना 1953 में हुई थी. इस कंपनी की हेड महिमा डाटला हैं. वो कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की पोस्ट पर हैं.

सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया है कि अभी तक इस कॉन्ट्रैक्ट का आधिकारिक पत्र कंपनी को नहीं प्राप्त हुआ है. कंपनी ने कहा, ‘जब ये पत्र हमारे पास पहुंच जाएगा तब हम और विस्तृत जानकारी दे पाएंगे और एक स्टेटमेंट रिलीज करेंगे.’सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया है कि अभी तक इस कॉन्ट्रैक्ट का आधिकारिक पत्र कंपनी को नहीं प्राप्त हुआ है. कंपनी ने कहा, ‘जब ये पत्र हमारे पास पहुंच जाएगा तब हम और विस्तृत जानकारी दे पाएंगे और एक स्टेटमेंट रिलीज करेंगे.’
शुक्रवार को क्वाड बैठक के बाद विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा था कि क्वाड देशों का वैक्सीन इनिशियेटिव सबसे महत्वपूर्ण कदम है. चारों देशों ने अपने वित्तीय संसाधनों, उत्पादन क्षमता सहित अन्य सुविधाओं के सहयोग की बात कही है. उन्होंने बताया था-आज की बैठक में सभी नेताओं ने सकारात्मक एजेंडा और विजन पर बातचीत की. नेताओं का फोकस वर्तमान के बड़े मुद्दों जैसे वैक्सीन, क्लाइमेट चेंज और तकनीकी सहयोग पर रहा. क्वाड देशों का वैक्सीन इनिशियेटिव सबसे महत्वपूर्ण कदम है. चारों देशों ने अपने वित्तीय संसाधनों, उत्पादन क्षमता सहित अन्य सुविधाओं के जरिए सहयोग की बात कही

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